रविवार, 17 जुलाई 2011

सावन आयो री



सावन आयो री

आओ आओ री सखी सावन आयो री 
धानी चुनरियाँ उडाओ री  

बिंदिया ,चूड़ी, मेहंदी सजाओ री 
सोलह सिंगार करके अपने पिया को रिझाओ री 
आओ आओ री सखी सावन आयो री 
ढोलक पे थाप बजाओ री 
कजरी ,सावन के गीतों को गाओ री 
पेड़ों पर झूले डाल ऊँचे पेंच लड़ाओ री 
आओ आओ री सखी सावन आयो री 
घनघोर  काली घटायें छाई  री 
मन में मीठे-मीठे अरमां जगाये री 
पपीहा ने पिहू-पिहू की पुकार लगाईं री 
आओ आओ री सखी सावन आयो री 
चारों तरफ हरियाली छाई री 
रुत सुहानी,मस्तानी आई री 
विरहणी को पिया मिलन की आस जगाई री 
आओ आओ री सखी सावन आयो री      

50 टिप्‍पणियां:

Anita ने कहा…

सावन की धूम मचाती आपकी मनमोहिनी कविता और सुंदर चित्रों ने तीज का उत्साह बढा दिया है, आभार!

रविकर ने कहा…

बधाई प्रेरणा जी ||
भक्तिमय सावन ||
मस्त झूले मस्त सावन |
खुश तन मन ||

Maheshwari kaneri ने कहा…

तीज के सुन्दर चित्रों के साथ सावन की उमंग भरी मस्त सुन्दर रचना , आभार!
मेरे ब्लांग में आकर मेरा उत्साह्वर्घन के लिए बहुत बहुत धन्यवाद...

जयकृष्ण राय तुषार ने कहा…

सावन पर मनमोहक कविता प्रेरणा जी बहुत भुत बधाई और शुभकामनायें |

Unknown ने कहा…

happy saavan !

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

परिवेश के अनुकूल सुन्दर रचना!

Voice of youths ने कहा…

सावन का महीने का रंग रूप ही अलग होता है|बधाई

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

खूबसूरत गीत सावन पर ..

Sunil Kumar ने कहा…

सावन पर मनमोहक कविता, बधाई औ रशुभकामनायें

Amrita Tanmay ने कहा…

Sach! savan le aaya aapki sundar rachana ne..

Urmi ने कहा…

सुन्दर चित्रों से सुसज्जित लाजवाब और मनमोहक कविता लिखा है आपने! मुझे बेहद पसंद आया! बेहतरीन प्रस्तुती!

Dr (Miss) Sharad Singh ने कहा…

सुन्दर चित्रमय बहुत सुन्दर सावनी गीत...

shyam gupta ने कहा…

सुन्दर ..अति सुन्दर....

संजय भास्‍कर ने कहा…

खूबसूरत गीत

संजय भास्‍कर ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक ने हटा दिया है.
ZEAL ने कहा…

सावन के मौके पर मनमोहक पोस्ट लगायी है . आभार.

deepti sharma ने कहा…

sawan aayo ri

are waah kavita padkar to jhumne ko dil karta hai
bas sawan ki bunde or jhule

नीरज गोस्वामी ने कहा…

खूबसूरत चित्र उतने ही सुन्दर शब्द और अद्भुत भाव...कमाल की रचना...सावन सजीव हो उठा..बधाई

नीरज

रजनीश तिवारी ने कहा…

सावन का स्वागत करती सुंदर रचना ...

Anupama Tripathi ने कहा…

sunder sawani rachna ..
teej ki yaad dila rahi hai ...

S.N SHUKLA ने कहा…

सावन का विस्तृत और बहुत सुन्दर वर्णन, आभार

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) ने कहा…

सावनी बूँदों से सराबोर सुंदर सावन गीत,इंद्रधनुषी गीतों ने सौंदर्य वर्द्धन कर दिया.
(Pl visit my other Blogs)

प्रतुल वशिष्ठ ने कहा…

कभी बचपन में ब्रज-माधुरी सुना करता था .... आपकी लोक-संस्कृति में रची-बसी रचना ने कृत्रिमता की चादर हटा दी... मन को ताजगी से भर दिया.... वाह क्या कहने!

Vivek Jain ने कहा…

सावन का उचित स्वागत कर रहीं हैं आप,
बहुत सुंदर,
विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) ने कहा…

सावन का सुंदर माहौल बनाती रचना.

Sapna Nigam ( mitanigoth.blogspot.com ) ने कहा…

सावन का सुंदर माहौल बनाती रचना.

www.navincchaturvedi.blogspot.com ने कहा…

सावन, बारिश और झूले और उस पर सखियों का मंगल गीत| बहुत सुंदर और बहुत बहुत बधाई|

अनाम ने कहा…

bahut hi khoobsurat poem
really nice

Kailash Sharma ने कहा…

सावन का बहुत सुन्दर मनमोहक स्वागत..बहुत सुन्दर

दिगम्बर नासवा ने कहा…

लोकगीत की तरह सावन की बरखा की तरह बहती चित्रमय लाजवाब रचना है आपकी ... बहुत ही मधुर ..

Shikha Kaushik ने कहा…

बहुत सुहावनी रचना .आभार

sushma verma ने कहा…

सावन को और खूबसूरती से प्रस्तुत करती आपकी रचना...

Manoranjan Manu Shrivastav ने कहा…

सावन का इंतज़ार हर नारी को होता है, और उनकी भावनाओ को बहुत अच्छे से व्यक्त किया है .
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मैंने आपको फोल्लो किया है,

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

तीज के सुन्दर चित्रों के साथ सावन की उमंग भरी मस्त सुन्दर रचना , आभार!

सुनीता शानू ने कहा…

वाह सावन का मन भावन गीत पढ़ने को मिला बहुत सुन्दर प्रस्तुति। शुभकामनाएं...

amrendra "amar" ने कहा…

सावन की धूम मचाती सुन्दर रचना , आभार!

सुरेन्द्र सिंह " झंझट " ने कहा…

मनभावन सावन की मस्त मस्त रचना

SAJAN.AAWARA ने कहा…

SAWAN KO SABDO ME UTAR DIYA HAI APNE.... VERY NICE...
JAI HIND JAI BHARAT

Unknown ने कहा…

तीज के मनभावन चित्रों सहित मन को आल्हादित करते मनमयूर को थिरकाती सावन के संगीत में रची बसी अति सुन्दर प्रस्तुति ...शुभकामनाएं एवं अभिनन्दन !!!

Kunwar Kusumesh ने कहा…

भक्तिमय सावन.
बम बम भोले.

प्रेम सरोवर ने कहा…

प्रेरणा जी,
आपके पोस्ट पर पहली बार आया हूं,सावन के महत्व को सही संदर्भों में इसे प्रस्तुत करने के लिए आपका विशेष आभार। कविता अच्छी लगी ।
धन्यवाद।

प्रेम सरोवर ने कहा…

प्रेरणा जी
आपके पोस्ट पर पहली बार आया हूं।पोस्ट अच्छा लगा।कविता अच्छी लगी।धन्यवाद।

Kajal Kumar's Cartoons काजल कुमार के कार्टून ने कहा…

वाह जी बल्ले बल्ले. बढ़िया.

मनोज कुमार ने कहा…

बहुत खूब!!

सुनीता शानू ने कहा…

आपकी पोस्ट की चर्चा कृपया यहाँ पढे नई पुरानी हलचल मेरा प्रथम प्रयास

यशवन्त माथुर (Yashwant R.B. Mathur) ने कहा…

बहुत ही बढ़िया।

सादर

महेन्‍द्र वर्मा ने कहा…

विचारपूर्ण और जागरूकता का संदेश देता हुआ उत्तम आलेख।

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

आपकी किसी नयी -पुरानी पोस्ट की हल चल कल 28 - 07- 2011 को यहाँ भी है

नयी पुरानी हल चल में आज- खामोशी भी कह देती है सारी बातें -

Urmi ने कहा…

मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

vijay kumar sappatti ने कहा…

सावन पर आपने बहुत अच्छी कविता लिखी है , वाकई सावन कि छठा के दर्शन हो गए है आपकी इस कविता में .
बधाई

आभार
विजय

कृपया मेरी नयी कविता " फूल, चाय और बारिश " को पढकर अपनी बहुमूल्य राय दिजियेंगा . लिंक है : http://poemsofvijay.blogspot.com/2011/07/blog-post_22.html