शुक्रवार, 12 अगस्त 2011

रक्षा बंधन

सभी ब्लोगर भाइयों ,बहनों को रक्षाबंधन की बहुत    शुभकामनाये

        
रक्षा बंधन 


  
 भाई बहन के पवित्र प्यार को याद दिलाने आता है ये प्यारा त्यौहार 
जिससे दूर होकर भी भाई बहन मिल लें ,याद कर लें साल में एक बार                                                                                       रक्षा के वचन और स्नेह के बंधन का प्रतीक है रक्षाबंधन                                           भाई बहन में प्यार और विस्वास रहे सारा जीवन

  
एक दूसरे के दुःख -सुख में काम आयें अपने रिश्ते का मान बढ़ाएं 
  नई पीढ़ी को भी इस त्यौहार का महत्व सीखाएं ,त्यौहार का अर्थ समझाएं 
रिश्तों को स्वार्थ की आँखों से नहीं दिल में बसे प्यार की गहराई से अपनाइए   
खून का रिश्ता टूट नहीं सकता जरुरत पढ़ने पर अपना फर्ज निभाइए   



 कडुवे बोल ,किसी को नीचा दिखानेवाले बोल नहीं,
मीठा बोलिए रिश्ते का मान करिए 
 लालच ,स्वार्थ .जलन जैसी बुराइयों के कारण 
भाई बहन के रिश्ते को  मत तोडिये 
भारतीय संस्कृति इसी लिए तो अच्छी मानी जाती है 
क्योंकि ये हर रिश्ते को प्यार के रिश्ते से बांधती है  
त्योहारों की उमंग रिश्तों को और पास ले आती है  

दिलों में  प्यार और उल्लास जगाती है 
टूटे रिश्ते भी इस उमंग में जुड़ जाते हैं   
दिलों को एक दूसरेकेकरीब ले आते हैं  
 भारतीय त्योहारों और भारतीय संस्कृति का निराला है अंदाज  
हम भारतियों को होना चाहिए उस पर दिलों जान से नाज 

                

    18 टिप्‍पणियां:

    संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

    खूबसूरती से लिखी और सजाई ...सार्थक सन्देश देती अच्छी पोस्ट ...
    इस पावन त्यौहार पर शुभकामनायें

    डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

    बहुत अच्छी प्रस्तुति है!
    रक्षाबन्धन के पुनीत पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएँ!

    : केवल राम : ने कहा…

    दिलों में प्यार और उल्लास जगाती है
    टूटे रिश्ते भी इस उमंग में जुड़ जाते हैं
    दिलों को एक दूसरे के करीब ले आते हैं

    यह रिश्तों की डोर ..और मजबूत होती रहे .....!

    डॉ टी एस दराल ने कहा…

    सुन्दर भाव .

    रक्षाबंधन के पावन पर्व पर शुभकामनायें .

    DR. ANWER JAMAL ने कहा…

    हमारी शांति, हमारा विकास और हमारी सुरक्षा आपस में एक दूसरे पर शक करने में नहीं है बल्कि एक दूसरे पर विश्वास करने में है।
    राखी का त्यौहार भाई के प्रति बहन के इसी विश्वास को दर्शाता है।
    भाई को भी अपनी बहन पर विश्वास होता है कि वह भी अपने भाई के विश्वास को भंग करने वाला कोई काम नहीं करेगी।
    यह विश्वास ही हमारी पूंजी है।
    यही विश्वास इंसान को इंसान से और इंसान को ख़ुदा से, ईश्वर से जोड़ता है।
    जो तोड़ता है वह शैतान है। यही उसकी पहचान है। त्यौहारों के रूप को विकृत करना भी इसी का काम है। शैतान दिमाग़ लोग त्यौहारों को आडंबर में इसीलिए बदल देते हैं ताकि सभी लोग आपस में ढंग से जुड़ न पाएं क्योंकि जिस दिन ऐसा हो जाएगा, उसी दिन ज़मीन से शैतानियत का राज ख़त्म हो जाएगा।
    इसी शैतान से बहनों को ख़तरा होता है और ये राक्षस और शैतान अपने विचार और कर्म से होते हैं लेकिन शक्ल-सूरत से इंसान ही होते हैं।
    राखी का त्यौहार हमें याद दिलाता है कि हमारे दरम्यान ऐसे शैतान भी मौजूद हैं जिनसे हमारी बहनों की मर्यादा को ख़तरा है।
    बहनों के लिए एक सुरक्षित समाज का निर्माण ही हम सब भाईयों की असल ज़िम्मेदारी है, हम सभी भाईयों की, हम चाहे किसी भी वर्ग से क्यों न हों ?
    हुमायूं और रानी कर्मावती का क़िस्सा हमें यही याद दिलाता है।

    रक्षाबंधन के पर्व पर बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं...

    देखिये
    हुमायूं और रानी कर्मावती का क़िस्सा और राखी का मर्म

    Kunwar Kusumesh ने कहा…

    रक्षाबंधन के पावन पर्व पर शुभकामनायें .

    Kailash C Sharma ने कहा…

    बहुत भावपूर्ण प्रस्तुति..रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं !

    Udan Tashtari ने कहा…

    रक्षाबंधन की बहुत शुभकामनाये

    Sunil Kumar ने कहा…

    रक्षाबंधन के पावन पर्व पर शुभकामनायें .

    chirag ने कहा…

    NICE POEM

    Kunwar Kusumesh ने कहा…

    स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ.

    Babli ने कहा…

    सुन्दर अभिव्यक्ति के साथ भावपूर्ण प्रस्तुती!
    आपको एवं आपके परिवार को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें!
    मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://seawave-babli.blogspot.com/
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

    Dinesh pareek ने कहा…

    आप को बहुत बहुत धन्यवाद की आपने मेरे ब्लॉग पे आने के लिये अपना किमती समय निकला
    और अपने विचारो से मुझे अवगत करवाया मैं आशा करता हु की आगे भी आपका योगदान मिलता रहेगा
    बस आप से १ ही शिकायत है की मैं अपनी हर पोस्ट आप तक पहुचना चाहता हु पर अभी तक आप ने मेरे ब्लॉग का अनुसरण या मैं कहू की मेरे ब्लॉग के नियमित सदस्य नहीं है जो में आप से आशा करता हु की आप मेरी इस मन की समस्या का निवारण करेगे
    आपका ब्लॉग साथी
    दिनेश पारीक
    http://kuchtumkahokuchmekahu.blogspot.com/

    Babli ने कहा…

    मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://seawave-babli.blogspot.com/
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

    ZEAL ने कहा…

    Beautiful and inspiring post on this great festival.

    prerna argal ने कहा…
    इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
    prerna argal ने कहा…
    इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
    prerna argal ने कहा…

    आपका बहुत बहुत धन्यवाद की आपको मेरी पोस्ट पसंद आई /आशा है आगे भी आपके उत्साह बढ़ानेवाले सन्देश मेरी रचनाओं को मिलता रहेगा /आभार /