आज मदर्स डे पर मैं एक महान ,गरिमामय माँ मदर टेरेसा को अपनी स्वरचित कविता के द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित कर रही हूँ
ममतामयी माँ मदर टेरेसा
ममतामयी,गरिमामयी माँ का रूप थीं वो
सफेद साड़ी मैं लिपटी उजली सुबह -२ की धूप थीं वों
स्नेहिल मुस्कान मुख पर लिए शांति की दूत थीं वो
सर्वत्र प्यार का प्रसार करने वाली भगवान् की मूरत थीं वो
निसहाय इंसानों, अनाथ बच्चों की आश्रयदाता थीं वो
इस दुनिया में इंसानियत की मिसाल थीं वो
सही मायने में एक महान इंसान थीं वो
हमारे धन्य-भाग्य की भारत में बस गईं थीं वो
भारत में रहने वाली अनमोल "भारत -रत्न" थीं वो
भारत की ही नहीं सारी दुनिया की मदर थीं वो
धरती माँ के समान सहनशील माँ मदर टेरेसा थीं वो
ऐसी माँ को शत-शत नमन करती हूँ मैं
उनकी महान आत्मा के लिए हर पल दुआ करती हूँ मैं
HAPPY MOTHER'S DAY


















